Thursday, November 29, 2018

पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत को तैयार- इमरान ख़ान

इस्लामाबाद में भारतीय पत्रकारों से बातचीत के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि वह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ किसी भी वक्त बातचीत को तैयार हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक उनके ताज़ा बयान को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर दोहराया कि दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ेगा, तभी वार्ता की कवायद होगी.

हालांकि चरमपंथ से जुड़े अहम सवालों के जवाब में इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान की ज़मीन का देश के बाहर चरमपंथ फैलाने के लिए इस्तेमाल होने की इजाज़त देना हमारे हित में नहीं है.

लेकिन मुंबई हमलों के गुनहगार हाफ़िज सईद और 1993 के बम धमाकों के मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहीम के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को ये मसले विरासत में मिले हैं.

24 साल का मोहसिन पुणे की एक आईटी फ़र्म में काम करता था. भीड़ ने 2 जून 2014 को उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी.

जनसत्ता अख़बार के मुताबिक मोहसिन के पिता सादिक शेख ने हाई कोर्ट से मांग की थी कि जिस योजना के तहत सांप्रदायिक हिंसा के पीड़ितों को मुआवज़ा दिया जाता है, उसी के तहत उन्हें दस लाख रुपए दिए जाएं.

घटना के वक्त सोशल मीडिया पर छत्रपति शिवाजी महाराज और शिवसेना सुप्रीमो दिवंगत बाल ठाकरे की छेड़छाड़ की गई तस्वीरों के साझा होने के बाद पुणे के हड़पसर इलाके में तनाव था. भीड़ ने घर से लौट रहे मोहसिन और उनके दोस्त को रोका और मार-पीट की.

कार्यस्थल पर 80% पुरुष सतर्क हुए
मीटू अभियान के बाद करीब 80 प्रतिशत पुरुष अपनी महिला सहकर्मियों से बातचीत में अधिक सतर्कता बरत रहे हैं.

हिंदुस्तान अख़बार के मुताबिक एक ताज़ा रिपोर्ट में ये बात समाने आई है. बाज़ार शोध एवं विश्लेषण कंपनी वेलोसिटी एमआर के अध्ययन में कहा गया है कि आंदोलन का कार्यस्थल पर होने वाली औपचारिक बातचीत पर अधिक प्रभाव पड़ा है.

इस शोध में मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई के करीब 2,500 लोगों को शामिल किया गया.

अध्ययन के मुताबिक, वैसे तो मीटू के अधिकतर मामले बॉलीवुड उद्योग और मीडिया से देखने को मिले लेकिन लगभग 77 प्रतिशत लोग अन्य उद्योगों को भी सुरक्षित नहीं मानते.

पांच में से चार लोगों ने उम्मीद जताई कि इस मीटू अभियान से सकारात्मक बदलाव होगा.

सबसे शक्तिशाली उपग्रह कक्षा में स्थापित
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (इसरो) ने गुरुवार को एक और नया मुकाम हासिल कर लिया. इसरो के पीएसएलवी सी-43 अंतरिक्षयान ने पृथ्वी की निगरानी करने वाले देश के सबसे शक्तिशाली उपग्रह हाइपर स्पेक्ट्रम इमेजिंग उपग्रह (एचआईएसवाईएस) समेत आठ अन्य देशों के 30 उपग्रहों (एक माइक्रो और 29 नैनो) को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित कर दिया.

ये खबर टाइम्स ऑफ इंडिया समेत कई अख़बारों में है. ख़बर के मुताबिक ये पहला मौका है जब भारत ने एचआईएसवाईएस उपग्रह को प्रक्षेपित किया है.

यह पूरी तरह से स्वदेशी है. इसरो प्रमुख डॉ के सीवान के मुताबिक, उपग्रह बेहद सुक्ष्मता से निगरानी करेगा. यह तकनीक कुछ ही देशों के पास है.

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